Aaj Ki Bela Sukhkari

श्री श्री राधा प्राकट्य
आज की बेला सुखकारी
प्रगट भई वृषभानु-नंदिनी, कीरति प्राण-पियारी
गावत सभी बधाई हिलमिल, बरसाने की नारी
अत्यधिक, आनंद महल में बरनत रसना हारी
नौबत बजत और शहनाई, नाचत सखियाँ सारी
नंद यशोदा सुनसुख पायें, हरषे हिय में भारी
भादौ मास, गगन घन छाये, बिजुरी चमके न्यारी
चहुँ ओर है खुशियाँ छाई, ब्रज में प्रिया पधारी 

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