Jay Durge Giriraj Nandini

देवी स्तवन
जय दुर्गे गिरिराज नन्दिनी जय अम्बे उज्ज्वल द्युति दामिनि
जय भगवती महादेव भामिनी, जय स्कन्द गजानन पालिनि
कान्तिमयी दुर्गा महारानी, महामर्दिनी वांछित फल दायिनी
हरि, हर ब्रह्मा वेद बखानी, ध्यान धरत सुर-नर-मुनि ज्ञानी
विकसित कमल नयन कात्यायिनि, शंख, पद्म कर धरे भवानी
सत्चित-सुखमय व्याधि विमोचनि, गदा, चक्र, बाणाकुंश शोभिनि
आदि शक्ति चण्डमुण्ड विनाशिनि मधु,कैटभ, महिषासुर मर्दिनि
रत्न हार कटि किंकिणी सोहिनि नक बेसर बिंदी मन मोहिनि
त्रिपुरसुन्दरी भवभय भंजनि, लोक पावनी जय जगजननी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *