Prasannata Prabhu Se Prapta Prasad

प्रसन्नता
प्रसन्नता, प्रभु से प्राप्त प्रसाद
जीवन तो संघर्ष भरा, मिटादे दुःख और अवसाद
अगर खिन्नता आड़े न आये, जीवन भी सुखमय हो
जब प्रसन्न सन्तुष्ट रहें तो, आनन्दमय सब कुछ हो
संग करें उन लोगों का, जो खिले पुष्प से रहते
कथा प्रभु की सुने कहें हम, पूर्ण शांति पा लेते
मनोरोग है चिन्ता भारी, कई कष्ट ले आता
हँसना है उपचार श्रेष्ठ, मन का तनाव भग जाता

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