Main To Ta Din Kajara Dehon

श्री कृष्ण से प्रीति
मैं तो ता दिन कजरा दैहौं
जा दिन नंदनँदन के नैननि, अपने नैन मिलैहौं
सुन री सखी, यही जिय मेरे, भूलि न और चितैहौं
अब हठ ‘सूर’ यहै व्रत मेरौ विष खाकरि मरि जैहौ

Main Hari Charanan Ki Dasi

हरि की दासी
मैं हरि चरणन की दासी
मलिन विषय रस त्यागे जग के, कृष्ण नाम रस प्यासी
दुख अपमान कष्ट सब सहिया, लोग कहे कुलनासी
आओ प्रीतम सुन्दर निरुपम, अंतर होत उदासी
‘मीराँ’ के प्रभु गिरिधर नागर, चैन, नींद सब नासी

Main Kou Bichadi Cheri Tihari

बिछुड़ी चेरी
मैं कोउ बिछुड़ी चेरि तिहारी
तुम सौ बिछुर स्वामिनी! जग में डोली मारी मारी
अपनी का करतूत कहों, यह लीला सबहि तिहारी
जहाँ गई ज्यों त्यों सुख दुख में, सारी वयस गुजारी
सबसों हो निरास अब राधे! आई सरन तिहारी
अपुनी को अपनाय हरहु अब, हिय की हलचल भारी
देहु चरण चाकरी लाड़िली, निज निधि यही हमारी
निरखि निरखि तव रूप माधुरी, रहिहों सदा सुखारी

Rang Chayo Barsane Main

होली
रंग छायो बरसाने में
नंदलाल खेलन को आयो होरी को हुरदंग मचायो
नाचै सब दे दे कर ताल, रंग छायो बरसाने में
घर द्वारे पे घेर के गोरिन ऊपर रंग बरसायो
सब मगन भई ब्रजबाल, रंग छायो बरसाने में
छैली मीठी बात बनावे, गोपिन को मन ये ललचाये
श्याम ने सबको किचड निहाल, रंग छायो बरसनो में
सखियाँ बज विविध बजावैं, प्यारे को मिल नाच नचावैं
गगन में छायो लाल गुलाल, रंग छायो बरसाने में
सब के मन आनंद समाये,कोई पार न इसको पाये
यमुन जल भयो आज है लाल, रंग छायो बरसाने में 

Biraj Main Holi Khelat Nandlal

होली
बिरज में होरी खेलत नँदलाल
ढोलक झाँझ मँजीरा बाजत, सब सखियाँ मिल होरी गावत,
नाचत दे दे ताल
भर भरके पिचकारी मारत, भीजत है ब्रज के नर नारी,
मुग्ध भई ब्रज-बाल
धरती लाल, लाल भयो अम्बर, लाल राधिका, लालहि नटवर,
उड़त अबीर गुलाल
होरी खेलत है कुँवर कन्हाई, जमुना तट पर धूम मचाई,
क्रीड़ा करत गुपाल

Main Nahi Mati Khai Maiya

परब्रह्म श्याम
मैं नहीं माटी खाई मैया, मैं नहीं माटी खाई
ग्वाल सखा सब झूठे मैया, जिनको तू पतियाई
एक बार चुपके से लाला ने जब मिट्टी खाई
देख लिया मैया न उसको, तभी दौड़ कर आई
हाथ पकड़ उसका तब बोलीं, मुँह तो खोल कन्हाई
तीनों लोक लाल के मुँह में, देखे तो चकराई
परंब्रह्म यह लाल हमारा, जिसको कहें कन्हाई
कहा यही था गर्ग-देव ने, याद आज अब आई
बाबा कहे ‘न डाँटो लाला’ यह केवल निठुराई
पाँच बरस का नन्हा बालक, मैया भी पछताई

Maiya Main To Chand Khilona

कान्हा की हठ
मैया, मैं तौ चंद-खिलौना लैहौं
जैहौं, लोटि धरनि पर अबहीं, तेरी गोद न ऐहौं
सुरभी कौ पे पान न करिहौं, बेनी सिर न गुहैहौं
ह्वैहौं पूत नंद बाबा कौ, तेरौ सुत न कहैहौं
आगै आउ, बात सुनि मेरी, बलदेवहि न जनैहौं
हँसि समुझावति, कहति जसोमति, नई दुल्हनिया दैहौं
तेरी सौं, मेरी सुनि मैया, अबहिं बियाहन जैहौं
‘सूरदास’ ह्वै कुटिल बराती, गीत सुमंगल गैहौं

Shyam Main To Thare Rang Rati

श्याम से प्रीति
स्याम मैं तो थाँरे रँग राती
औराँ के पिय परदेस बसत हैं, लिख लिख भेजे पाती
मेरा पिया मेरे हिरदे बसत है, याद करूँ दिन राती
भगवा चोला पहिर सखीरी, मैं झुरमट रमवा जाती
झुरमुट मे मोहिं मोहन मिलिया, उण से नहिं सरमाती
और सखी मद पी पी माती, बिन पिये मैं मदमाती
प्रेम भट्ठी को मद पीयो ‘मीराँ’, छकी फिरै दिन राती

Sakhi Ri Main To Rangi Shyam Ke Rang

श्याम का रंग
सखी री मैं तो रंगी श्याम के रंग
पै अति होत विकल यह मनुआ, होत स्वप्न जब भंग
हो नहिं काम-काज ही घर को, करहिं स्वजन सब तंग
किन्तु करुँ क्या सहूँ सब सजनी, चढ्यो प्रेम को रंग
आली, चढ़ी लाल की लाली, अँग-अँग छयो अनंग
स्याममयी हो गई सखी मैं तो, रहूँ स्याम के संग

Jagat Main Jivan Kuch Din Ka

नश्वर जीवन
जगत् में जीवन कुछ दिन का
देह मिली मानव की प्रभु से कर न गर्व इसका
सदुपयोग तूँ कर विवेक का, मत कर तूँ मन का
काल बली माथे पर नाचे, पता नहीं छिन का
राम नाम के दो अक्षर में, सब सुख शांति समाई
राम नाम भजले मनवा तूँ, भवसागर तर जाई
राम नाम जप, साधु संत ने प्रभु से करी सगाई
गणिका गिद्ध, अजामिल तारे, नाम की यही बड़ाई