Piya Bin Rahyo Na Jay

विरह व्यथा
पिया बिन रह्यो न जाय
तन-मन मेरो पिया पर वारूँ, बार-बार बलि जाय
निस दिन जोऊँ बाट पिया की, कब रे मिलोगे आय
‘मीराँ’ को प्रभु आस तुम्हारी, लीज्यो कण्ठ लगाय

Jay Ganga Maiya

गंगा आरती
जय गंगा मैया, माँ जय सुरसरि मैया
आरती करे तुम्हारी, भव-निधि की नैया
हरि-पद-पद्म-प्रसूति, विमल वारिधारा
ब्रह्म द्रव भागीरथि, शुचि पुण्यागारा
शंकर-जटा विहारिणि, भव-वारिधि-त्राता
सगर-पुत्र गण-तारिणि, स्नेहमयी माता
‘गंगा-गंगा’ जो जन, उच्चारे मुख से
दूर देश स्थित भी, पाये मुक्तिभय से
मृत व्यक्ति की अस्थियाँ जो प्रवेश पाये
वो भी पावन होकर परम धाम जाये
हे माता करुणामयी, शरण मुझे दीजै
आरती करें तुम्हारी, आप कृपा कीजै  

Jay Jay Durge Jay Maheshwari

दुर्गा स्तवन
जय जय दुर्गे जय माहेश्वरी, आर्त जनों की तुम रखवारी
शैल नन्दिनी सुर-मुनि सेवित, पाप-पुँज की नाशन हारी
पूर्णचन्द्र सम प्रभा वदन की, विश्व विमोहिनी दीप्ति तुम्हारी
शूल धारिणी सिंह वाहिनी, महिषासुर को मर्दनवारी
शुम्भ-निशुम्भ मुण्ड गल माला, अंधक दैत्य विशोषण हारी
शोभा, क्षमा, शान्ति, श्रद्धा, धृति, विजय रूपिणी, पालनहारी
जय जय सुखदा वरदा मैया, ज्ञान स्वरूपा मंगलकारी

Jay Dev Jay Dev

गणपति की आरती
जय देव, जय देव
जय गणेश दुख हर्ता, विघ्न नाश कर्ता, करुणा,
प्रेम प्रदाता, मन वांछित दाता
श्री विग्रह पर उबटन, सिंदुर का सोहे,
कमल पुष्प मुक्ता की, माला मन मोहे
केसर-कुंकुम-चंदन, तिलक भाल साजे,
स्वर्ण-मुकुट रत्नों का, सिर पर अति भ्राजे
कंचन की सी आभा, पीताम्बर छाजे,
श्री चरणों में नूपुर, रुनक झुनक बाजे
वक्रतुण्ड, लम्बोदर, पाशांकुश धारी,
वर मुद्रा कर मोदक, शोभा अति भारी
श्रद्धा से स्मरण करे, शरण जो भी जाए,
गणपति की कर सेवा, सकल सिद्धि पाए
मंगलमूर्ति गजानन, अटल शांति के धाम,
आरती करूँ तुम्हारी, शत शत करूँ प्रणाम

Shyam Binu Rahyo Na Jay

विरह व्यथा
स्याम बिनु रह्यो न जाय
खान पानमोहि फीको लागे, नैणा रहे मुरझाय
बार बार मैं अरज करूँ छूँ, रैण गई दिन जाय
‘मीराँ’ कहे हरि तुम मिलिया बिन, तरस तरस तन जाय

Jay Jay Jay Tulsi Maharani

तुलसी आरती
जय जय जय तुलसी महारानी, महिमा अमित पुराण बखानी
प्रादुर्भाव विष्णु के द्वारा, पूजनीय भक्तन मन मानी
तेरे श्री अंगो से प्रकटे, मंजरिया, पल्लव मन-भाये
शालिग्राम शिला का पूजन, तुमसे करे सदा सुख पाये
हरि पूजन में तुम्हें चढ़ाये, कलिमल-नाश करे पुण्यार्जन
गो का दान दिलाये जो फल, सुलभ कराये तेरा दर्शन
विश्वपूजिता, कृष्णभावनी! मंगल आरती करें तुम्हारी
अविचल भक्ति मिले श्री हरि की, वर दो विनती यही हमारी

Jay Jay Brajraj Kunwar

श्रीकृष्ण चरित्र
जय जय ब्रजराज कुँवर, शोभित सुखकारी
मोर-मुकुट मस्तक पर, पीताम्बर धारी
मुरलीधर श्याम वर्ण, जमुना तट चारी
संग ग्वाल गोपीजन, ब्रजजन बलिहारी
मुनि-मन-हर मंद हँसन, गुंज माल धारी
नृत्यत नटवर सुवेश, सोहत बनवारी
हरत मदन-मद अशेष, राधा मनहारी 

Om Jay Jagdish Hare

जगदीश्वर आरती
ॐ जय जगदीश हरे, प्रभु! जय जगदीश हरे
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे —-ॐ जय …..
जो ध्यावे फल पावे, दुख विनसे मन का —-प्रभु दुख….
सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का —-ॐ जय ….
माता-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी —-प्रभु शरण ….
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी —-ॐ जय …..
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी —-प्रभु तुम ….
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी —-ॐ जय …..
तुम करुणा के सागर, तुम पालन कर्ता —-प्रभु तुम …..
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता —-ॐ जय …..
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति —-प्रभु सबके …..
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति —-ॐ जय …
दीनबन्धु दुख-हर्ता, तुम ठाकुर मेरे —-प्रभु तुम ….
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे —-ॐ जय …..
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा —-प्रभु पाप …..
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, करुं संत सेवा —-ॐ जय …..

Jay Jay Brajraj Kunwar

रूप छटा
जय जय ब्रजराज-कुँवर, राधा मन-हारी
मुरलीधर मधुर अधर, जमुना तट चारी
नील बरन पीत वसन, संग ग्वाल गोपीजन
मुनिमन हर, मंद हँसन, गुंज-माल धारी
निरतत नटवर सुवेष, सोहै सिर मोर-मुकुट
हरत मदन मद असेस, गोपी-सुख-कारी

Jay Jay Jay Gurudev

गुरुदेव आरती
जय जय जय गुरु देव
जय गुरुदेव दयालू, भक्तन हितकारी
व्यास रुप हे सद्गुरु, जाऊँ बलिहारी
हरि हर ब्रह्मा रूपा, मुद मंगलकारी
वेद, पुराण, पुकारे, गुरु महिमा भारी
काम, क्रोध, मद, मत्सर, लोभ दोष सारे
ज्ञान खड्ग के द्वारा, गुरु सबको मारे
भव-सागर अति दुर्गम, भँवर पड़े गहरे
सद्गुरु नाव केवटिया, क्षण में ही उबरे
नाना पंथ जगत् में, सबको भरमाये
उन्मूलन कर संशय, सत्पथ दिखलाये
विद्या-वारिधि स्वामी, भ्रम को शीघ्र हरे
पद-नख-मणि की ज्योति, हृदय प्रकाश भरे
सेवा, संयम, भक्ति, प्रज्ञा, धन दीजै
गुरु बिन सदा भटकते, कोटि यत्न कीजै
श्री गुरुदेव की आरति, जो कोइ जन गाये
अशुभ मिटे सुख आये, निर्मल मति पाये